भंडारा के अस्पताल में हादसे के बाद ऐक्शन में उद्धव सरकार, हर अस्पताल का होगा फायर ऑडिट, 5 लाख मुआवजा

 


मुंबई/भंडारा

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में शनिवार आधी रात हुए दर्दनाक हादसे में 10 नवजात बच्चों की मौत (Bhandara Hospital Tragedy) हो गई। इस घटना ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। चाइल्ड केयर में आगजनी की वजह से मरने वाले बच्चे एक से 3 महीने के थे। हादसे को लेकर सरकार ऐक्शन में आ गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हादसे पर दुख जाहिर करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। वहीं डेप्युटी सीएम अजित पवार ने सभी हॉस्पिटलों के फायर ऑडिट का आदेश जारी कर दिया है।


CM उद्धव ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की घटना में नवजात बच्चों की मौत पर दु:ख व्यक्त करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद ठाकरे ने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से बातचीत की। बयान में कहा गया, ‘मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बातचीत करके उन्हें जांच करने के लिए कहा है।’



महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम और वित्त मंत्री अजित पवार ने घटना के बाद सभी हॉस्पिटलों का ऑडिट कराए जाने का आदेश जारी कर दिया है। भंडारा जिले में हुए इस हादसे में 10 नवजात बच्चों की जान चली गई। कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता नवाब मलिक ने भी कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों का फायर ऑडिट कराया जाएगा। फायर ऑडिट में अनियमितताएं मिलने पर उस अस्पताल की परमिशन रद्द कर दी जाएगी।


फडणवीस ने की कार्रवाई की मांग


महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से दस नवजात शिशुओं की मौत की घटना को 'बेहद दर्दनाक' करार देते हुए शनिवार को इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने एक वक्तव्य में कहा, 'सरकार को इस मामले में अच्छी तरह से जांच करानी चाहिए और 10 शिशुओं की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये। यह बेहद दर्दनाक घटना है।'


बच्चों के परिजन को 5 लाख मुआवजा

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा, 'भंडारा स्थित जिला सामान्य अस्पताल की नवजात देखभाल यूनिट में आग लगने से 10 नवजातों की मौत की खबर चौंकाने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने भंडारा पुलिस को घटना की पूरी जांच करने का आदेश दिया है। आज मैं खुद भंडारा जिला के इस अस्पताल में जा रहा हूं।' वहीं स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मृतक बच्चों के परिजन को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।



'वहीं क्यों लगी आग? जांच जरूरी'

कांग्रेस के पूर्व सांसद संजय निरुपम ने सवाल उठाते हुए कहा, 'भंडारा जिले के सरकारी अस्पताल में दर्दनाक घटना घटी है। एक आगजनी में दस नवजात बच्चे दुनिया देखने से पहले जलकर खाक हो गए। यह रुलाने वाला हादसा है। बच्चों के शोकाकुल माता-पिता को सरकार सहारा दे। अस्पताल में जहां मासूम बच्चे थे, वहीं आग क्यों लगी, इसकी जांच जरूरी है।'

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