Saturday, 19 December 2020

धोखाधड़ी के 22 साल पुराने केस का आरोपी आखिर चढ़ा पुलिस के हत्थे, किराए के कमरे से दबोचा

 

प्रतीकात्मक तस्वीर

महाराष्ट्र के पुणे में 22 साल पहले हुई धोखाधड़ी के एक मामले में क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान पुणे के सदाशिव पेठ निवासी संदीप सुधाकर धायगुडे (53) के रूप में हुई है. आरोपी कोठरुद में किराए के मकान में रह रहा था, जहां से क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे धर दबोचा.

पुणे पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट 4 द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस मामले में संदीप सुधाकर धायगुडे के अलावा दो अन्य लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था, जिसमें आनंद प्रभाकर गोरे और सुब्रतो दास का नाम शामिल है. नवी पेठ के निवासी आनंद प्रभाकर गोरे वर्तमान में अमेरिका में रहता हैं और सुब्रतो दास मुंबई में अंधेरी ईस्ट का रहने वाले हैं.

1998 में चतुश्रृंगी पुलिस स्टेशन में तीनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत एक मामला दर्ज किया गया था. उन पर विद्या सहकारी बैंक की सेनापति बापट रोड शाखा में धोखाधड़ी करने आरोप लगाया गया था. पुलिस के बयान के मुताबिक, तीनों ने बैंक से 13,55,936 रुपये की रकम ली थी.

पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्ति ने 1998 के मामले में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है. शख्स को चतुश्रृंगी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को सौंप दिया गया है जो मामले की आगे की जांच करेंगे. अब शख्स को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.

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