Monday, 20 July 2020

उल्हासनगर - ३ के मध्यवर्ती अस्पताल को कोविड हाॕस्पिटल बनाने के खिलाफ मनसे


उल्हासनगर- उमनपा प्रशासन उल्हासनगर - ३ के मध्यवर्ती अस्पताल कोविड हाॕस्पिटल बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन प्रयास कर रहा है। लेकिन ये बात काफी गंभीर है, क्योंकि उल्हासनगर शहर और आस पास के क्षेत्र में यही एकलौता अस्पताल है जहां गरीबों को काफी सस्ते में प्राथमिक उपचार मिलता हैं और अगर ये अस्पताल को कोविड हाॕस्पिटल में तब्दील कर दिया जाता है तो आस पास के क्षेत्र के गरीब व आम जनता को उपचार मिलना मुश्किल हो जायेगा। ऐसी नाराजगी मनसे शहर अध्यक्ष बंडू देशमुख ने जताई है। उन्होंने कहा कि हमें अगर ऐसी नौबत नहीं आने देना है तो इस अस्पताल को कोविड हाॕस्पिटल में तब्दील नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में  उपसंचालक आरोग्य विभाग ठाणे डॉ. गौरी राठोड और जिला सर्जन डॉ. सुधाकर शिंदे  से निवेदन किया है। 
आपको बता दें कि  पूरे देश में करीबन 4 महीनों से lockdown जारी है। गरीब और आम इंसान को रोजगार नहीं है और इस समय सबका हिसाब गड़बड़ा गया है | ऐसे परिस्थिति में ज्यादातर लोगों को निजी डॉक्टरों के पास जाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे वक्त सिर्फ मध्यवर्ती अस्पताल है जहां आम जनता का इलाज हो सकता है। 
इसी कारण से किसी भी परस्थिति में मध्यवर्ती अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाना नही चाहिए। 

उमनपा प्रशासन ने पहले से ही उल्हासनगर - 4 के प्रस्तुति घर को कोविड अस्पताल में परिवर्तित कर दिया है।  इसी वजह से आस पास के क्षेत्र के महिलांओं को इसी एकमात्र अस्पताल का सहारा है | 
इसी के आलावा यहाँ पर कई और भी इलाज किये जाते है , जैसे की प्रस्तुतीगृह, डायलेसेस सेंटर, एक्सरे, सोनोग्राफी, आॕक्सिजन बेड आदि। और साथ ही  आम जनता के लिए यहाँ पर छोटे छोटे ऑपरेशन भी किये जाते है। ऐसे ही कई गरीबों का सहारा है ये अस्पताल, इस बात को भी याद रखा जाना चाहिए, ऐसे भी भावना बंडू देशमुख ने जाहिर की।  
किसी भी परिस्थिति में मध्यम अस्पताल को कोविड अस्पताल में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए वरना  आम गरीब जनता के लिए  महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को आंदोलन करना पड़ेगा, ऐसा भी देशमुख ने बताया। 

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.