Thursday, 21 May 2020

प्रवासी मजदूरों के साथ सौतेला व्यवहार।। पहले रेलवे ने की नाइंसाफी फिर बीजेपी नेता ने की बदतमीजी


सरिता शर्मा 
मुंबई- कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन का चौथा फेज चल रहा है. कामबंदी और तालाबंदी के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों के सामने खाने-कमाने का संकट पैदा हो गया है. ऐसे में वे मजबूरन अपने गांव और शहर लौट रहे हैं. प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से बीजेपी सांसद संगमलाल गुप्ता ने प्रवासियों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए हैं. मुंबई के कांदिवली इलाके में प्रतापगढ़ और जौनपुर जाने वाले मजदूरों की ट्रेनें कैंसिल होने के बाद बौखलाए मजदूरों को आश्वासन देने पहुंचे बीजेपी सांसद संगमलाल ने कहा, 'ये लोग इस लॉकडाउन में गांव में छुट्टियां मनाने जाने वाले लोग हैं. इनमें से कोई प्रवासी मजदूर नहीं है. मजदूर तो कब के जा चुके हैं.'
प्रतापगढ़ के लोकसभा सांसद और बीजेपी नेता संगम लाल गुप्ता ने कहा, 'भीड़ को ध्यान से देखिए, इनमें एक भी मजदूर नहीं लगता. प्रवासी मजदूर तो कब के अपने गांव लौट चुके हैं. ये वो लोग हैं, जो गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए ट्रेन यात्रा करने आए थे. जब दो महीने में इन्हें कोरोना वायरस का कोई संक्रमण नहीं हुआ, तो आगे समझ लें कि इन्हें कुछ नहीं होगा.
आपको बता दें कि आज कांदिवली के महावीर नगर में देखने को मिला. यहां पर यूपी के लिए जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में चढ़ने के लिए हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए लेकिन ट्रेन ही कैंसिल कर दी गईं.
बताया जाता है कि मुंबई के बोरीवली से आज दोपहर यूपी के लिए तीन ट्रेन चलाई जाने की सूचना दी गई थी. सूचना के आधार पर यूपी में प्रवासी कामगार अपने सामान और परिवार के साथ स्टेशन पहुंच गए. स्टेशन पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि तीन ट्रेनों में से दो को रद्द कर दिया गया है. इसके बाद सभी प्रवासी कांदिवली के महावीर नगर में इकट्ठा हो गए और ट्रेन चलाने की मांग करने लगे. हजारों की संख्या में प्रवासियों के इकट्ठा होने की जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली वैसे ही कुछ अधिकारी वहां पहुंच गए और उन्होंने प्रवासियों को वहां से जाने के लिए कहा. बताया जा रहा है कि प्रवासी उनको ट्रेन से रवाना करने के लिए कहते दिखाई दिए. अभी भी प्रवासी ट्रेन आने का इंतजार कर रहे हैं.

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