Wednesday, 15 April 2020

बांद्रा भीड़ मामले में उत्तर भारतीय संघटना का अध्यक्ष विनय दुबे पुलिस हिरासत में



परप्रांतियों को सड़क पर उतरने का किया था आवाहन 

मुंबई. एक तरफ जहां महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे है। वहीं दूसरी ओर राज्य की राजधानी मुंबई के बांद्रा और ठाणे के मुंब्रा में मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग सडकों पर उतर आए और लॉकडाउन और सोशल डिस्टन्सिंग की धज्जियां उडा दी। अचानक से बड़ी संख्या में जमी भीड़ सड़क पर जमा होने से भीड़ को हटाने पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने उत्तर भारतीय संघटना के अध्यक्ष विनय दुबे को हिरासत में ले लिया है।
बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर पश्चिम बंगाल और उत्तर भारतीय लोगों को भीड़ करने के लिए कहनेवाले उत्तर भारतीय संघटना के अध्यक्ष विनय दुबे को ऐरोली से नवी मुंबई ने हिरासत में लिया। अब उसे मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा। दुबे के खिलाफ अफवा फैलाने, कर्फ्यू का उल्लंघन करने, नागरिकों को इकठ्ठा करने समेत अन्य आरोप आरोप है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुबे ने फेसबुक के माध्यम से आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसमें उसने मुंबई में काम के लिए आए उत्तर भारतीय मजदूरों को अपने-अपने राज्य में भेजने के लिए आंदोलन करने की चेतावनी, 18 तारीख को इकठ्ठा होने का आवाहन किया था।
दुबे का वीडियो वायरल 
विनय दुबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें वह देशभर में लागू हुए लॉकडाउन के खिलाफ परप्रांतियों को भड़काते हुए दिख रहा है। यह वीडियो शनिवार 11 अप्रैल को फेसबुक पर और मंगलवार 14 अप्रैल को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। वीडियों में दुबे ने धमकी देते हुए कहा कि, अगर 14-15 अप्रैल तक लॉकडाउन खत्म नहीं होता तो, 20 अप्रैल को परप्रांतियों को साथ लेकर उत्तर प्रदेश तक पदयात्रा निकालेंगे। दुबे ने समर्थन देने वालों को व्हाट्सएप मैसेज भी करने को कहा था। 
विनय दुबे बार-बार विडियो में कहते दिख रहा है कि, “भूक से मरने से अच्छा वायरस से मरना अच्छा है।” साथ ही विडियो में दुबे परप्रांतियों को सड़क पर उतरने और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के पास इकठ्ठा होने का आवाहन कर रहा है। मुंबई ही नहीं बल्कि देशभर के लोगों को उसने रेलवे स्टेशन के पास इकठ्ठा होने और लाखों की संख्या में सड़क पर उतरकर केंद्र और राज्य सरकारों के विरोध में एक आंदोलन शुरू करने का आवाहन किया था।

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