Friday, 10 January 2020

राजश्री, विमल और ब्लैक लेबल की गुटखा कंपनियों पर सबसे बड़ी कार्रवाई




  • स्टेट जीएसटी, खाद्य विभाग, बिजली विभाग और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की संयुक्त टीम ने मारा छापा
  • 100 करोड़ का मिलावटी गुटखा जब्त, 500 बाल मजदूर भी फैक्टियों में काम करते पाए गए
  • 400 से 500 करोड़ रूपए के टैक्स चोरी का मामला भी आया सामने, टीम ने टैक्स चोरी से जुड़े दस्तावेज किए जब्त 
  • मुख्यमंत्री कमलनाथ से हरी झंडी मिलने के बाद जांच एजेंसी ने की कार्रवाई 


भोपाल. स्टेट जीएसटी, खाद्य विभाग, बिजली विभाग और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की संयुक्त टीम ने मध्य प्रदेश  की राजधानी भोपाल  में तीन नामी गुटखा कंपनियों  पर छापा मारा है. टीम ने राजश्री, विमल और ब्लैक लेबल की फैक्ट्री पर ये छापेमारी की है. इन कारखानों में 100 करोड से अधिक की मिलावटी सामग्री, गुटखा बनाने की मशीनें जब्त की गई हैं। साथ ही 500 से ज्यादा बाल मजदूर भी काम करते पाए गए हैं। छापे की कार्रवाई शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे शुरू हुई. तीनों कंपनियों की गोविंदपुरा स्थित फैक्ट्री पर रेड डाला गया. इस दौरान गुटखे में मिलावट के साथ, बाल श्रम और टैक्स चोरी भी पकड़ी गयी.
 ईओडब्ल्यू की टीम ने देश की नामी गुटखा कंपनियों- राजश्री, विमल और ब्लैक लेबल की फैक्ट्री पर छापा मारा. छापे के दौरान इनके कारखानों में बाल श्रम और करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी पकड़ी गयी. तीनों कंपनियों के यहां पड़े छापे में 100 करोड़ से अधिक का स्टॉक मिला. साथ ही गुटखे में भारी मात्रा में मिलावट भी पाई गयी. शुरुआती अनुमान के अनुसार 400 से 500 करोड़ रूपए के टैक्स चोरी का मामला सामने आया है. मौके पर जो मशीनें लगाई गई हैं उनसे कई गुना ज्यादा उत्पादन फैक्ट्रियों में किया जा रहा था. कारखानों में अनुमान से ज्यादा बिजली की भी खपत की जा रही थी. मौके पर बिजली कंपनी इसका आकलन कर रही हैं.
मुख्यमंत्री कमलनाथ से हरी झंडी मिलने के बाद जांच एजेंसी ने ये कार्रवाई की है. EOW बीते एक महीने से इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा था. 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान के तहत ये कार्रवाई की गयी. शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरुण मिश्रा के नेतृत्व में टीम फैक्ट्री पहुंचीं और कार्रवाई शुरू की. गुटखा कारोबारियों के खिलाफ प्रदेश भर में की गई अभी तक की ये पहली सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है. वर्षों से यह फैक्ट्रियां गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में चल रही हैं. लेकिन इनकी न तो किसी ने जांच की और न ही इनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई की गयी. यही कारण है कि मध्य प्रदेश में गुटखा कारोबारी खूब फल-फूल रहे हैं. EOW ने जब गुटखा कंपनियों से जुड़ी जानकारी जुटाई तो कई गड़बड़ियां सामने आयीं. इसके आधार पर EOW की टीम ने दूसरे विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की. EOW पहली बार आर्थिक अपराध छोड़ दूसरे डिपार्टमेंट की कार्रवाई में कूदी है, 

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