Saturday, 27 April 2019

पहले बाल्या मामा को तो अब टावरे को लूट रहे भिवंडी के कांग्रेसी!






भिवंडी (खान फखरे आलम) :भिवंडी लोकसभा २३ के चुनाव प्रचार का अंतिम टप्पा आज खत्म हुआ। । इस चुनाव में भिवंडी काँग्रेस पार्टी के ३५ नगरसेवकों तथा महिला बिग्रेड व अल्पसंख्यक विभाग के पदाधिकारियों ने जमकर लूटपाट मचाई ‌‌। शहर के सोशल मीडिया में इस लूटपाट का खूब चर्चा चल रही है। कोई वाट्शाप ग्रुपों में यहाँ तक प्रतिदिन चर्चाऐ होती है कि भिवंडी कांग्रेस पार्टी के ३५ नगरसेवकों व महिला कांग्रेस तथा अल्पसंख्यक विभाग के पदाधिकारियो ने पहले बाल्या मामा को लुटा और अब सुरेश टावरे को लुट रहे हैं।
‌‌‌‌‌ गौरतलब हो कि भिवंडी लोक सभा सीट पर उम्मीदवारों की कतार लगी हुई थी। घंटे घंटे में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों के नाम बदले जा रहे थे। कोई पुर्व सांसद सुरेश टावरे के नाम का गाना गा रहा था। कोई विश्वनाथ पाटिल के नाम का गाना गा रहा था। वही पर कुछ लालची व नगरसेवकों तथा दलाल पदाधिकारी द्वारा सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा के नाम की माला का जाप जपा रहा था। तो कोई कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सोने की‌ चैन भेंट करने वाला नेता के नाम‌ से विख्यात प्रदीप पप्पु राका का आगे ला रहा था। नामांकन के आखिरी दिन तक कांग्रेस पार्टी का कौन उम्मीदवार होगा ? इस पर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म था।

कांग्रेस पार्टी में लोक सभा उम्मीदवार के लिए सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा का नाम‌ पायलट की तरह कुछ दलाल व लालची नगरसेवकों व पदाधिकारियों द्वारा कांग्रेसी खेमे में घुसाया गया । जिसके कारण पुर्व सांसद सुरेश टावरे का टिकट ख़तरे में पड़ गया था। धनाढ्य बाल्या मामा के कांग्रेसी खेमे में आ जाने के खबर से भिवंडी कांग्रेस के मार्केट भी शेयर मार्केट में ‌तरह भाव उछाल मारने लगा । महिला कांग्रेस तथा अल्पसंख्यक विभाग व युथ द्वारा पुर्व सांसद सुरेश टावरे का साथ छोड़ कर बाल्या मामा के खेमे में नजर आने लगे। इसके साथ ही बाल्या मामा के नाम के कशीदे पढ़ने लगे। शहर में चर्चा थी दलाल व लालची नगरसेवकों तथा अल्पसंख्यक विभाग पदाधिकारियों व महिला कांग्रेस की बालया मामा के धन पर नजर थी। जिसमें इन्हें कामयाबी भी मिली। दलाल तथा लालची नगरसेवकों व महिला कांग्रेस तथा अल्पसंख्यक विभाग के पदाधिकारियों अपने फायदे के लिए पद तथा नगरसेवक पद से इस्तीफे देने की भी धमकी दे डाली । शहर के जागरुक व राजनीति के जानकार पत्रकारों के डर से तथा पोल‌ खुलने के डर से ठाणे शहर के पत्रकारों के समक्ष अपना नुकसान ‌का‌ दुखड़ा रोया। कुछ राजनीति जानकारों का‌ मानना है ‌कि इस खेल का रिमोट कंट्रोल स्वयं शहर अध्यक्ष शोहेब खान गुडडू के हाथ में था जो‌ आज सुरेश टावरे के नाम का‌ कशिदे पढ़ रहे हैं।

भिवडी लोक सभा सीट पर वंचित बहुजन विकास आघाडी के उम्मीदवार प्रा (डाँं•) अरुण सांवत कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे को बिना धन बल के टक्कर दे रहे हैं। किन्तु सुत्रो द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेसी खेमे में आज भी नाराजगी व्याप्ति है। कांग्रेसी खेमे से नाराज पदाधिकारी सपा बसपा उम्मीदवार डाँं नुरुद्धीन अंसारी व भाजपा उम्मीदवार कपिल पाटिल को समर्थन ना करते हुए प्रा (डाँं•) अरुण सांवत को अप्रत्यक्ष रूप में सहयोग करने का मन बनाया है। जिसकी शहर में जोर शोर से चर्चा हो रही है। क्योंकि वंचित बहुजन विकास आघाडी में एआईएमआईएम पार्टी के असदुद्दीन ओबीसी का गठबंधन है। जो मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने में काफी माहिर है। वही पर शहर के मुस्लिम मतदाताओं में काफी लोकप्रिय भी है। पिछले भिवंडी पुर्व विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार फाजिल अंसारी को ११२५७ मत , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार खालिद गुडडू को ९०५७ मत को पीछे छोड़ते हुए एआईएमाईएम के उम्मीदवार अकरम खान लकड़ा वाला १४५७७ मत पाकर चौथे स्थान पर थे। वही पर सपा उम्मीदवार अबु फरहान को सिर्फ १७५४१ मत पर समेट कर रख दिया था। सपा उम्मीदवार को कांटे की टक्कर का सामना करना पड़ा था। इसी गणित के अनुसार कांग्रेसी खेमे के दलाल व लालची नगरसेवकों तथा अल्पसंख्यक विभाग व महिला कांग्रेस के पदाधिकारी व नगरसेवक दिखावे के रुप में अभी कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे के साथ में है। किन्तु गिरगिट की तरह रंग बदलने में माहिर व बाल्या मामा को‌ उम्मीदवारी ना मिलने के वजह से आर्थिक रुप से नुकसान झेल रहे दलाल व लालची नगरसेवकों , अल्पसंख्यक विभाग तथा महिला कांग्रेस के पदाधिकारी मतदान के दिन पाला बदल कर कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे को पुरानी राजनीति दुश्मनी के कारण चुनाव में चित करने प्लानिंग तैयार कर रखी हैं। जिसके कारण कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे को हार का सामना करना पड़ सकता है।

सुत्रो द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी भी‌ आधे मन से कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे के साथ नाराज खेमा काम कर रहा है। किन्तु कांग्रेसी उम्मीदवार ‌सुरेश टावरे ने इन्हें मनाने के लिए धन बल का प्रयोग करते हुए कोशिश जारी रखी है। वही पर आज भी‌ खेमा नाराज है। क्योंकि इन्हें बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। जिसकी पूर्ति करने में कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे असमर्थ साबित हो रहे हैं। कुछ नाराज खेमे के पदाधिकारी आज भी यहाँ तक चर्चा करते हैं। कि मोटी मछली जाल से निकाल गई । जिसका कारण वर्तमान उम्मीदवार सुरेश टावरे ही है। जिन्हें वक्त आने पर इन्हें भी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

महा गठबंधन के मित्र पक्ष राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भिवंडी शहर अध्यक्ष खालिद गुडडू ने कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश टावरे के प्रचार व रैलियों तथा सभाऔ से किनारा कर बैठे हुए हैं। किसी भी प्रकार के प्रचार व रैलियों से नदारद है । कांग्रेस पार्टी के दोगली नीति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भिवंडी शहर अध्यक्ष खालिद गुडडू नाराज है। बाल्या मामा के लुटकांड पर बेबाकी से आवाज़ बुलंद करने वाले खालिद गुडडू ने सोशल मीडिया पर एक बाप की औलाद हैं तो ३५ नगरसेवकों सहित अल्पसंख्यक विभाग तथा महिला बिग्रेड इस्तीफा क्यों नहीं दिया। ऐसा इंटरव्यू देकर कांग्रेस पार्टी की पोलखोल कर रख दी थी। जिसके कारण शहर की राजनीति गरमा गई थी । आनन फानन में कांग्रेस पार्टी के ३५ नगरसेवकों ने भिवंडी शहर अध्यक्ष शोहेब खान गुडडू को अपना इस्तीफा सौंपा था जिसे कांग्रेस पार्टी भिवंडी शहर अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया था ।


बाल्या मामा लुटकांड के बाद इस्तीफा कांड का खेल खेलने में माहिर ३५ नगरसेवकों सहित अल्पसंख्यक विभाग तथा महिला बिग्रेड व शहर अध्यक्ष शोहेब खान गुडडू ने भिवंडी शहर के जनता को गुमराह किया। इस्तीफा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी को ना देते हुए परदे के पीछे से रिमोट कंट्रोल चलाने वाले शहर अध्यक्ष शोहेब खान गुडडू ने ही इस्तीफा अस्वीकार कर दिया। जिसकी चर्चा व थु थु शहर में फैली हुई थी। वही पर शहर अध्यक्ष शोहेब खान गुडडू को आलोचनाओं का सामना करना भी पड़ा था । किन्तु आज भी कांग्रेसी खेमे में नाराज व आर्थिक नुकसान का रूना रो रहे कांग्रेसी नगरसेवकों तथा पैसे के लिये दल बदलने मे माहिर लालची अल्पसंख्यक विभाग व महिला कांग्रेस किस खेमे में जाऐगी इस बात का चर्चा शहर में बनी हुई है।




















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