जेट एयरवेज के बोर्ड से फाउंडर नरेश गोयल, पत्नी अनीता का इस्तीफा

नई दिल्ली। नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता ने सोमवार को जेट एयरवेज के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया। 25 साल पहले 1993 में गोयल ने अपनी पत्नी के साथ जेट एयरवेज की स्थापना की थी। इस्तीफे के बाद अब नरेश गोयल से उनका चेयरमैन का पद भी छिन जाएगा। सोमवार को एयरलाइन की बोर्ड मीटिंग में ये फैसला लिया गया है। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि गोयल्स के अलावा, एतिहाद एयरवेज के एक नॉमिनी भी बोर्ड से इस्तीफा देंगे। अबू धाबी स्थित एतिहाद 24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ जेट का रणनीतिक साझेदार है। हालांकि, एसबीआई के अध्यक्ष रजनीश कुमार ने कहा कि सौदा पूरा होने के बाद एतिहाद 12 प्रतिशत का मालिक होगा और गोयल की एयरलाइन में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
जेट एयरवेज के बोर्ड ने 14 फरवरी को एक बेलआउट प्लान को मंजूरी दी थी, जिसके तहत भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले ऋणदाता, 1 रुपए की मामूली कीमत पर एयरलाइन के ऋण को इक्विटी में परिवर्तित करके एयरलाइन के सबसे बड़े शेयरधारक बन जाएंगे। कर्जदाता एयरलाइन में 1,500 करोड़ रुपये तक का निवेश करेंगे, जो कंपनी को सामान्य स्थिति बहाल करेगा। एसबीआई कुमार ने कहा कि कर्जदाताओं को 51 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल रही है, जिसकी कीमत 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
बता दें कि जेट एयरवेज पर 8,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। जनवरी से अब तक जेट तीन बार डिफॉल्ट भी कर चुका है। कई महीनों से जेट ने कर्मचारियों की सैलरी और सप्लायरों का पेमेंट नहीं किया है। जेट एयरवेज ने अनिश्चितताओं को देखते हुए 18 मार्च से अबू धाबी में अपने ऑपरेशन बंद कर दिए हैं। अबू धाबी जेट एयरवेज के दो अंतरराष्ट्रीय हब में से एक है।

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