स्टेशन परिसर में जमती है शराबियों की महफिल



डोंबिवली(मिथिलेश गुप्ता ): सांस्कृतिक और शैक्षणिक नगरी डोंबिवली महिलाओं के लिए असुरक्षित है क्या? ऐसा सवाल निर्माण हुआ है क्योकि डोंबिवली पूर्व स्टेशन परिसर का मुख्य रास्ता शराबियों से भरा रहता है| यहां शाम ७ बजे के बाद बीच रास्ते पर बैठकर बिंदास शराबी दारू पीते हैं, जिससे नौकरीपेशा महिलाएं, कॉलेज स्टूडेंट अपने-आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं| लेकिन पुलिस प्रशासन आंखों पर पट्टी बांधे किसी बड़े हादसे के इंतजार में है क्या? ऐसा सवाल डोंबिवलीकर महिलाओं ने उपस्थित किया है|
डोंबिवली पूर्व स्टेशन परिसर हमेशा भीड़भाड़ से भरा रहता है| इस जगह पर खाद्य पदार्थ बिक्री करने वालों पर पालिका प्रशासन कार्रवाई नहीं करती| इसका फायदा उठाते हुए रातभर चायनीज, अंडा भुर्जी की गाड़ियां चालू रहती हैं| साथ ही स्टेशन परिसर में वाइनशॉप हैं| डोंबिवली के पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाले ब्रिज के नीचे वाइनशॉप से दारू-बीयर लेकर बीच रास्ते में बैठकर शराबी खुलेआम दारू पीते हुए हर दिन नजर आते हैं| खाद्यपदार्थ बिक्री करने वाले शराबियों को मटन, अंडे और मच्छी परोसते हैं| इसलिए रास्ते पर पैदल आनेजाने वाली नौकरीपेशा महिलाएं और कॉलेज स्टूडेंट्स अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं| डोंबिवली पूर्व रामनगर पुलिस थाना दो मिनट की दूरी पर है, लेकिन यहां एक भी पुलिस दिखाई नहीं देती है| अगर भविष्य में कोई अनुचित घटना हुई तो उसका जवाबदार कौन होगा? ऐसा प्रश्न उपस्थित किया जा रहा है| जितना जवाबदार पुलिस प्रशासन है उतना ही मनपा प्रशासन भी जवाबदार है, क्योकि मच्छी, चिकन की गाड़ियों पर कार्रवाई करने का काम मनपा प्रशासन का है, लेकिन मनपा प्रशासन भी कार्रवाई करन मेंे असमर्थ है, ऐसा स्पष्ट दिखाई दे रहा है|
डोंबिवली के पूर्व पश्चिम को जोड़ने वाले ब्रीज के नीचे शराबियों को दारूपार्टी करते हुए एक वीडियो ‘हिंदमाता मिरर’ के हाथ लगा है| तीन लोग मद्यपान करते हुए और कुछ लोग नशे में इधर-उधर गिरे हुए इस वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं| पहले भी ‘हिंदमाता मिरर’ इस तरह की घटना पर खबर छापी थी, उसके बाद कुछ दिन यहां पुलिस की एक गाड़ी खड़ी रहती थी लेकिन अब यहां पर एक भी पुलिस की गाड़ी नहीं और एक भी पुलिसकर्मी नहीं है| ऐसी घटना पर महिलाओं ने तीव्र विरोध जताया है|


ऐसी जगहों से पुलिस हमेशा नदारद रहती है| अगर किसी महिला के साथ कोई अनुचित घटना घटी तो कौन आएगा उसकी मदद के लिए? वो महिला कहा जाएगी? सबसे पहले तो स्टेशन परिसर के सभी चायनीज, अंडा भुर्जी, मटन की गाड़ियां रात ११ बजे के बाद बंद होनी चाहिए| 
- सुहासिनी (मनीषा) राणे, भाजपा पदाधिकारी

अनैतिक कामों को रोकना पुलिस का काम है, लेकिन पुलिस वहां मौजूद नहीं रहती, इसका मतलब पुलिस अपना काम सही तरीके से नहीं करती| पुलिस अपना काम ठीक से करे अन्यथा हम सभी महिलावर्ग एकसाथ हाथों में लाठियां लेकर इन शराबियों पर हल्लाबोल करेंगी| 
- कविता गावंड, शिवसेना पदाधिकारी

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