असली ‘शिवभक्त’ हैं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ‘जयराम’

      शिव नामक डांस बार मालिक के भक्ति और प्रसाद के लालच में उा रहे है कानून की धज्जियां
नवी मुंबई: बचपन से हमने पढ़ा था कि श्रीराम जी मर्यादा पुरुषोत्तम थे, उन्होंने अपने पिता के वचन के लिए अपना राजपाट तक त्याग दिया था और यह भी सब कहानियों में पढ़ने को मिलता है कि राम एक शिव भक्त थे और रावण से युद्ध जीतने के लिए उन्होंने भगवान शिव की उपासना की थी और पूजा-पाठ कर शिव के आशीर्वाद से युद्ध जीता था। मगर आज हम कलयुग के एक ऐसे इंसान से आपको रूबरू कराते हैं, जो श्रीराम के नाम रखकर घूमते है, मगर काम ऐसा की रामजी का ही नाम खराब हो जाए। कहां श्री राम जो स्त्री पर बुरी नजर डालनेवाले रावण का अंत किया और कहां ये राम के नाम से प्रसिद्ध जयराम जो औरतों और बार बालाओं को अश्‍लीलता परोसनेवाले कलयुग के शिव भक्ति और उसके चढ़े प्रसाद में ही लीन होकर अपने नाम के साथ-साथ अपने कर्तव्य और निष्ठा से ही अन्याय कर रहा है। हम बात कर रहे है नवी मुंबई के अंतर्गत आनेवाले प्रसिद्ध औद्योगिक शहर बेलापुर की, जहां बेलापुर में कई औद्योगिक कंपनियां पूरे विश्व में नाम कमा रही है। जहां के बे-बे भवन निर्माताओं से यह शहर अपनी पहचान बनाता जा रहा है। वहीं उसी शहर को दाग लगाने के लिए एक होटल व्यवसायी जो शिवकुमार के नाम से मशहूर है। उसी शिव का प्रसाद ग्रहण कर बेलापुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराम शहापरिया उस परिसर में देर रात तक से लेकर सुबह तके तक अपना स्पेशल सेवा प्रदान कर रहे है। एक ओर जहां राज्य सरकार डांस बार कानून पर सख्त है, वहीं उच्चतम न्यायलय ने भी सख्ती से गाइड लाईन को फॉलो करने का आदेश दिया है। वहीं यह हमारे कलयुग के रामजी अपने निजी स्वार्थ और शिवकुमार को खुश करने के लिए अपने पुलिस स्टेशन की हद में आइकॉन, स्टार नाइट सहित कई डांस बार को शह दिए हुए है। ये डांस बार सुबह चार बजे तक खुलेआम अश्‍लील डांस कर उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते दिख रहे है, क्योंकि इन बुरे अड्डों पर श्री रामजी की विशेष कृपा है। किसी जमाने में किसी प्रमुख संत ने कहा था कि ‘जिने राम रखे, तिनो कोन चखे’ और यह कहावत अब बेलापुर के वरिष्ठ अधिकारी के कार्यकाल में दिख रही है। जहां पुलिस का काम है कि सरकार द्वारा जो कानून पारित हो उस पर अमल करना, ना कि अपने स्वार्थ के लिए उस कानून को ठेंगा दिखाना। हमारे राम जी भी आजकल शिव भक्ति में इतने लीन हैं कि उनको ‘शिव के प्रसाद’ के सामने कोई भी ड्यूटी और कानून नहीं दिखता। यह भी नहीं दिखता कि इन डांसबारों में कई तरह के संगीन आरोपी और अंडरवर्ल्ड के गुर्गे आते है। पुलिस का काम है कि ऐसे बुरे काले कारनामों पर लगाम लगाना। मगर पुलिस का मुखिया ही ‘शिव’ भक्त हो तो नीचे के इमानदार कर्मचारी भी क्या कर सकते है?
सुनने में तो यह भी आया है कि शिव कुमार का प्रसाद इतना तगड़ा रहता है कि जब इस वरिष्ठ अधिकारी के पास कोई शिकायत उसके खिलाफ आती है तो वह अपने कर्मचारियों और अपने खास कर्मी को शिव को सावधान करने को लगा देता है। सुनने को तो यह भी मिला है जब उपर से कोई अधिकारी इस बुरे डांस बारों पर कार्रवाई के लिए आता है तो यह शिव भक्त अपने अर्दली को सूचना भेज देता है और वह शिव अपने गुर्गों द्वारा बार बालाओं को जोकि 40-50 की तादाद में रहती है, उनको किसी खुफिया कमरों में छुपा देता है। नवी मुंबई जैसे उभरते इस शहर में ऐसे अफसर एक दाग बनते जा रहे हैं। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी से मालूम पड़ा है कि इस परिसर के जोन अधिकारी पुलिस उपायुक्त श्री.सुधाकर पठारे जो एक इमानदार अफसर है, वे इन सब बुरे कामों को कभी बर्दाश्त नहीं करते। उनका सीधा सा कहना है कि जो अधिकारी कानून व्यवस्था का उल्लंघन करेगा उसपर जरुर कार्रवाई की जाएगी, हमारी उपायुक्त से अपेक्षा है कि आप के जोन में जो यह बुरे और काले कारनामे चल रहे है, उन पर लगाम लगाएंगे और ऐसे कलयुगी शिव भक्तों पर लगाम लगाएंगे और सख्त विभागीय जांच कराएंगे। ताकी कोई अधिकारी शिव प्रसाद के लालच में नवी मुंबई पुलिस का और रामजी का नाम बदनाम ना करें। कल पढ़िए कलयुगी राम जी के पिछले और नए किस्से-‘तब तक जयराम जी की’।

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