Saturday, 19 August 2017

बीजेपी हमारी सबसे बड़ी दुश्मन-उद्धव


मुंबई- केंद्र और राज्य की सत्ता में शामिल शिवसेना ने अपने मित्र दल भाजपा को ही अपना नंबर-वन दुश्मन बताया है। शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना की नंबर-वन शत्रु भाजपा है। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अगले चुनाव की तैयारी में जुट जाने को लेकर निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को शिवसेना भवन में पार्टी के जिला अध्यक्ष, संपर्क प्रमुख और वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में उद्धव ने कहा कि हमें भाजपा को चुनौती देना है। इसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं को सड़क पर उतर कर काम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी को आपसी मतभेद भूलाकर आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारी में लग जाना चाहिए।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 में 360 से अधिक लोकसभा सीटे जीतने का लक्ष्य घोषित कर दिया है। इस लिहाज से अब उद्धव ने भी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों को कमर कसने के लिए कहा है।बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ने यह भी कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि जो कुछ विवाद हुआ था, उसको दूर कर लिया गया है।
रावते को विदर्भ, कदम को मराठवाड़ा की जिम्मेदारी
उद्धव ने पार्टी के वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन के कामकाज के लिए विभागवार जिम्मेदारी भी दे दी है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता व परिवहन मंत्री दिवाकर रावते को विदर्भ, पर्यावरण मंत्री रामदास कदम को मराठवाड़ा, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई को कोंकण, सांसद संजय राऊत को उत्तर महाराष्ट्र और सांसद गजानन कीर्तिकर को सातारा, सांगली और कोल्हापुर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।

अब तक किसानों को नहीं मिला कर्जमाफी का लाभ
उद्धव ने कर्जमाफी के मुद्दे पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्जमुक्ति का वातावरण बनाया जा रहा है, लेकिन अब तक किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कर्जमाफी के लाभार्थी किसानों की सूची जारी करनी चाहिए।

आपस में भिड़ गए मंत्री और जिला प्रमुख:
बैठक के दौरान उद्धव के सामने ही पार्टी नेता व प्रदेश के सहकारिता राज्य मंत्री गुलाबराव पाटील और जलगांव के जिला प्रमुख आपस में भिड़ गए।
सूत्रों के अनुसार दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए। इसके बाद उद्धव ने दोनों नेताओं को समझाया। तब जाकर विवाद खत्म हुआ।

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