खुशखबरी: सात साल बाद सबसे सस्ता हुआ सोना, दुकानों की ओर दौड़े लोग



NEW DELHI: सोना इतना सस्ता हो गया कि कीमत जानकर आप खुशी से उछल जाएंगे। सात साल बाद सोने में इतनी बड़ी गिरावट आई है।
वैश्विक स्तर पर पीली धातु के 10 महीने के निचले स्तर तक लुढ़क जाने से गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 400 रुपए टूटकर छह महीने के निचले स्तर 29,000 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। चांदी भी 740 रुपए लुढ़ककर लगभग छह महीने के निचले स्तर 40,700 रुपए प्रति किलोग्राम पर रही। एशियाई बाजारों में आज सोना हाजिर 10 महीने के निचले स्तर 1,163.45 डॉलर प्रति औंस तक उतर गया।

अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़े आने से बुधवार को भी इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, यूरोप में बाजार खुलने के बाद में इसकी गिरावट में कुछ कमी आई तथा लंदन में यह 3.80 डॉलर नीचे 1,168.20 डॉलर प्रति औंस बोला गया। फरवरी का अमेरिकी सोना वायदा भी 4.6 डॉलर फिसलकर 1,169.3 डॉलर प्रति औंस रहा।

बाजार विश्लेषकों ने बताया कि बुधवार को अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़ों से वहां इस महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ी है, जिससे सोने पर दबाव आया है।
इसके अलावा अगले राष्ट्रपति तौर पर निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में ब्याज दरों में ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी के संकेतों से भी पीली धातु कमजोर हुई है। लंदन में चांदी भी 0.12 डॉलर टूटकर 16.36 डॉलर प्रति औंस बोली गई।
वहीं, नोटबंदी के बाद सोने को लेकर सरकार ने अहम घोषणा की है। नोटबंदी की घोषणा के बाद अचानक सोने की बिक्री में इजाफे को देखते हुए सरकार ने सोने को लेकर आयकर जांच की एक निश्चित सीमा तय कर दी।
सरकार ने कहा कि आयकर जांच के दौरान विवाहित महिला के पास 500 ग्राम, अविवाहित महिला के पास 250 ग्राम तथा पुरुषों के पास उपलब्ध 100 ग्राम तक के स्वर्ण आभूषणों को जब्त नहीं किया जाएगा। संशोधित आयकर कानून के तहत पैतृक आभूषण और स्वर्ण पर कर नहीं लगेगा। साथ ही घोषित आय से खरीदे गये सोने पर भी कर नहीं लगेगा ।

सरकार ने आज कहा कि संशोधित कर कानून के तहत पैतृक आभूषण और स्वर्ण पर कोई कर नहीं लगेगा। इसके साथ ही घोषित आय या कृषि आय से खरीदे गये सोने पर भी कोई कर नहीं लगाया जाएगा। लोकसभा ने इस सप्ताह की शुरुआत में कराधान कानून (दूसरा संशोधन) विधेयक को पारित कर दिया।
इसमें कर अधिकारियों द्वारा तलाशी और जब्ती के दौरान खोजी गयी अघोषित संपत्ति पर 85 प्रतिशत कर और जुर्माने का प्रावधान है। संशोधित कानून के दायरे में आभूषणों को भी शामिल किये जाने संबंधी अफवाहों को दूर करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि सरकार ने आभूषण पर कर लगाने के संदर्भ में कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा है।

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