आपने बैंक में कितने रुपए जमा कराए, इसका हिसाब देने के लिए तैयार हो जाइए अब


NEW DELHI : नोटबंदी के बाद त्वरित गति से कार्य करते हुए आयकर विभाग ने ऐसे सैकड़ों लोगों से नकदी के स्रोत की जानकारी मांगी है जिन्होंने आठ नवंबर के बाद अपने खाते में बड़ी मात्रा में 500 और 1000 के प्रतिबंधित नोट जमा कराए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कर अधिकारियों ने देशभर में इस संबंध में जांच शुरू की है। उसने विभिन्न शहरों में आयकर कानून की धारा 133 (6) के तहत लोगों को ‘स्रोत’ की जानकारी देने के नोटिस जारी किए हैं। इस धारा के तहत विभाग लोगों से जानकारी मांग सकता है। अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस उन लोगों को जारी किए गए हैं जिनके बारे में बैंकों ने खातों में ‘असाधारण या संदिग्ध मात्रा में नकदी जमा कराने’ की जानकारी विभाग को दी है। यह आम तौर पर ढाई लाख रुपए से अधिक की नकदी जमा करने पर जारी किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की मध्यरात्रि से देश में 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके बाद बड़ी मात्रा में लोग बैंकों में अपनी नकदी जमा करा रहे हैं जिन पर आयकर विभाग लगातार नजर रखे हुए है।
सरकार के 500, 1,000 रुपए के नोट बंद करने के फैसले के दस दिन बाद शनिवार (19 नवंबर) को कई बैंक शाखाओं के बाहर लाइनें कुछ छोटी नजर आई लेकिन एटीएम पर नकदी समाप्त होने और लंबी प्रतीक्षा का दौर अभी भी जारी है। बैंकों की सभी शाखाओं में आज (शनिवार, 19 नवंबर) को केवल उनके अपने ग्राहकों के साथ ही लेनदेन किया जा रहा है। उनमें दूसरे बैंकों के ग्राहकों के 500 और 1,000 रुपए के नोट बदलने का काम नहीं हो रहा है। हालांकि, बुजुर्गों के लिए ऐसी कोई रोकटोक नहीं है और वह किसी भी बैंक में अपने नोट बदल सकेंगे। पुराने नोट के बदले नए नोट लेने की सीमा को घटाकर 2,000 रुपए किया गया है ताकि नकदी की मांग पर बढ़े दबाव को कुछ कम किया जा सके।

देशभर में अस्पतालों में मरीजों और उनके परिवार के सदस्यों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें दवाइयां, खाद्य पदार्थ और परिवहन साधनों में लेनदेन करने में समस्या आ रही है। ठेका और दिहाड़ी मजदूरों का काम भी ठप पड़ा है। सीमेंट, रेता और दूसरा सामान नहीं पहुंच पाने की वजह से निर्माण गतिविधियां रुकी पड़ी हैं। लोगों की परेशानी को कम करने के लिये सरकार ने शादी वाले परिवार को ढाई लाख रुपए तक नकद निकासी करने और किसानों और छोटे व्यापारियों को 50,000 रुपए तक नकद उपलब्ध कराने की सुविधा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा कर आश्चर्यचकित कर दिया था। उसके बाद से ही पूरे देश में बैंकों और डाकघर के बाहर लंबी लाइनें लगी हुई हैं।

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