इंडियन रियल एस्टेट में ट्रंप जाना-पहचाना चेहरा

पुणे-मुंबई में बनवाए रेजिडेंशल टावर, तो गुड़गांव में आकार ले रहा ऑफिस टावरसंदीप बुंदेला, नई दिल्लीराष्ट्रपति बनने से पहले डॉनल्ड ट्रंप का जादू भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में सिर चढ़कर बोल रहा है। ट्रंप खुद फ्लैट नहीं बनवाते, बल्कि वे बिल्डरों को अपनी ब्रैंड वैल्यू बेचते हैं। बदले में उन्हें बिल्डरों और डेवलपरों से रॉयल्टी मिलती है। ट्रंप के संगठन ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने कुछ नामी भारतीय बिल्डरों को ट्रंप का नाम इस्तेमाल करने का लाइसेंस दिया है, जो लग्जरी अपार्टमेंट्स बना रहे हैं। ये अपार्टमेंट्स मुंबई और पुणे में बन भी चुके हैं। 2017 में ट्रंप के नाम वाले और ज्यादा प्रॉजेक्ट्स की शुरुआत हो सकती है। खास बात यह कि ट्रंप के नाम से जुड़े प्रॉजेक्ट्स की न सिर्फ अच्छी सेल हो रही है, बल्कि बाकियों के मुकाबले ये महंगे भी बिक रहे हैं।पुणे के ट्रंप टावर में ऋषि और रणबीर कपूर ने भी लिए फ्लैटपुणे में ट्रंप टावर्स का कंस्ट्रक्शन इसी साल पूरा हुआ है। ट्रंप टावर 23-23 मंजिला दो इमारतें हैं। इन टावरों के 46 अपार्टमेंट्स में से करीब आधे पहले ही बिक चुके हैं। 'जस्ट वॉक इन' वाले कॉन्सेप्ट पर बने ट्रंप टॉवर्स में बॉलीवुड के स्टार्स और बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट समेत कई हस्तियों ने फ्लैट खरीदे हैं। ऋषि कपूर और रणबीर कपूर उन लोगों में से हैं, जिन्होंने 13-13 करोड़ में यहां फ्लैट लिए हैं। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने पुणे में ट्रंप टावर्स बनाने के लिए चोरडिया ब्रदर्स के पंचशील ग्रुप के साथ हाथ मिलाया था। पंचशील ग्रुप की कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रेमसागर होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के साथ करारनामा किया गया। ट्रंप टॉवर्स को पुणे की सबसे आलीशान और मंहगी इमारतों में गिना जाता है। ट्रंप 2 साल पहले खुद इन टॉवर्स के सैंपल फ्लैट के लिए पुणे आए थे।लेकिन आरोप भी लगे हैं, जांच जारी हैRTI कार्यकर्ता रविन्द्र बर्हाटे के मुताबिक, पुणे के कल्याणी नगर में ये इमारतें जिस ढाई एकड़ जमीन पर बनी हैं, वो सरकारी है और फर्जी दस्तावेज के जरिए बिल्डर ने इस जमीन को अपने नाम कर लिया। बर्हाटे के आरोपों को पंचशील ग्रुप के अतुल चोरडिया ने निराधार बताया है। अतुल चोरडिया का कहना है कि जमीन को लेकर कोई अनियमितता नहीं बरती गई। सभी कुछ वैधानिक तरीके से हुआआ इसके लिए सभी आवश्यक अनुमति ली गईं। पुणे के जिला मजिस्ट्रेट ने यही कहा कि मामला बहुत पेचीदा है, जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि जमीन किसकी है? या इसकी खरीद-फरोख्त में गैर कानूनी तरीके अपनाए गए या नहीं?मुंबई में लोढ़ा डेवलपर ने चमकाया ट्रंप का नाममुंबई में 2013 में ट्रंप टावर की घोषणा हुई थी। वर्ली इलाके में 75 मंजिला यह टावर लोढ़ा डेवलपर ने तैयार किया है। इसके 400 अपार्टमेंट्स में से आधे से ज्यादा यानी 226 अपार्टमेंट्स बिक चुके हैं। इस टावर में थ्री और फोर बेडरूम फ्लैट हैं और मिनिमम प्राइस 9 करोड़ है। यहां घर खरीदने वाले को ट्रंप कार्ड भी दिया जाता है। इसका फायदा बायर्स दुनिया भर में खोले गए ट्रंप होटल्स और गोल्फ रेजॉर्ट्स में छूट के तौर पर उठा सकते हैं। वैसे ट्रंप के संगठन ने 2011 में भी रोहन लाइफस्कैप्स के साथ करार किया था। इसके तहत साउथ मुंबई के ह्यूज रोड में उबेर लग्जरी प्रोजेक्ट डिवेलप किया जाना था, लेकिन इस प्रोजेक्ट को सरकारी मंजूरी नहीं मिल सकी। वैसे लोढ़ा ग्रुप और पंचशील दोनों के ही राजनीतिक कनेक्शन हैं। लोढ़ा ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर मंगल प्रभात लोढ़ा जहां मलाबार हिल से बीजेपी के विधायक हैं। वहीं पुणे के पंचशील ग्रुप को चलाने वाली चोरडिया फैमिली के तार एनसीपी नेता सुप्रिया सुले से जुड़े हैं।गुड़गांव में ऑफिस टावर के लिए अप्रैल में हुआ करारट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने गुड़गांव में एक ऑफिस टावर बनाने के लिए IREO नाम की कंपनी संग अप्रैल में समझौता किया था। इस ऑफिस टावर को मशहूर डिजाइन फर्म फॉस्टर प्लस पार्टनर्स डिजाइन कर रही है। यह टावर पॉश समझे जाने वाले इलाके गोल्फ कोर्स एक्सटेंसन में बनाया जा रहा है और यह अपनी तरह का सबसे ऊंचा टावर होगा। यहां गोल्फ कोर्स के साथ ही IREO 500 एकड़ में मिक्स्ड यूज डिवेलपमेंट प्रोजेक्ट भी लगा रही है।महंगा ब्रैंड है ट्रंपजानकार बताते हैं कि डॉनल्ड ट्रंप के ब्रैंड नेम का काफी फायदा मिला है और इसकी वजह से वह अपार्टमेंट्स के लिए प्रीमियम प्राइस चार्ज कर रहे हैं। पुणे और मुंबई में ये अपार्टमेंट्स 375 डॉलर (25000 रुपये) प्रति स्क्वैयर फुट के हिसाब से बिक रहे हैं और यह कीमत बाकी लग्जरी अपार्टमेंट्स के लिहाज से 10 हजार रुपये ज्यादा है।

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