ब्लैक मनी बचाने के लिए तरह-तरह के रास्ते खोजने में जुटे लोग

सरकार के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर बैन लगाने के बाद लोग ब्लैक मनी बचाने के लिए तरह-तरह के चालाकी भरे रास्ते खोजने में लगे हैं। कोई अपने दोस्तों और घरेलू सहायकों से पैसे बचाने की जुगत भिड़ा रहा है तो कोई अन्य तरीके खोजने में जुटा है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार रात 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर बैन लगाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन अब ब्लैक मनी रखने वाले लोग इस घोषणा की काट खोजने में जुट गए हैं। रिटेलर्स और वेडिंग प्लानर्स के पास इन दिनों ऐसे कॉल्स की बाढ़ आई हुई जिसमें पुराने नोट स्वीकार करने वाले से बड़ी खरीदारी करने की बात कही जा रही है। मुंबई में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के एक सीनियर मार्केटिंग एग्जिक्युटिव ने बताया कि काफी तनावपूर्ण दिन गुजर रहा है। वेडिंग क्लायंट उतावले हो रहे हैं। लोगों के पास काफी ब्लैक मनी है।


कुछ लोग अपने दोस्तों और घरेलू सहायकों को पैसा देने की जुगत में लगे हैं। गौरतलब है कि 2.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा करने पर बैंक इस बारे में इनकम टैक्स विभाग को जानकारी दे सकता है।

ट्रेन टिकट
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसी जानकारी मिली है जिससे पता चलता है कि लोग ब्लैक मनी का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। एक ट्वीट में बताया गया कि लोग एजेंट्स को ट्रेन की फर्स्ट क्लास टिकट पुराने नोट दे रहे हैं और फिर बाद में उस टिकट को कैंसल कर नए नोट हासिल कर रहे हैं। रेलवे अभी भी पुराने नोट स्वीकार कर रहा है।

भारतीय रेलवे के प्रवक्ता अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि फर्स्ट क्लास टिकट खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा, 'हम रोजाना करीब 2,000 टिकट बेचते हैं लेकिन 500 और 1000 रुपये को नोट पर बैन के बाद रोजाना टिकट खरीदने वालों की संख्या बढ़कर 27,000 हो गई है।'

लोग अपने पैसे बचाने के लिए अन्य तरीकों में भी हाथ अजमा रहे हैं। मुंबई की एक सीनियर सिटिजन ने बताया कि उसके पास 5 लाख रुपये की अघोषित रकम थी। उन्होंने उस रकम को अपने चार नौकरों में बांटकर उनका बैंक में अकाउंट खुलवा दिया।

एक इनवेस्टमेंट फर्म के पार्टनर ने बताया कि कम अमाउंट को बचाने के कई तरीके हैं। लेकिन ज्यादा पैसे को बचाना मुश्किल लग रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्लैक मनी के बारे में वाकई गंभीर है।

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