‘कालाधन रखने वालों को मौका देना ही था तो फिर नोटबंदी करके करोड़ों लोगों को परेशान क्यों किया!’



केंद्र सरकार ने कालाधन रखने वालों के लिए कुछ राहत का ऐलान किया है. सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में संशोधित आयकर विधेयक पेश किया. इसके तहत नोटबंदी के फैसले के बाद बैंक में जमा ढाई लाख से ज्यादा की अघोषित रकम पर कर, जुर्माने और सरचार्ज के तौर पर कुल मिलाकर 50 फीसदी कर वसूलने का प्रावधान शामिल है. बिल में यह भी प्रावधान है कि पैसा जमा कराने के बाद किसी ने खुद आयकर विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी तो उस पर 85 फीसदी तक टैक्स और जुर्माना लग सकता है. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस विधेयक का जिक्र करते हुए पूछा है कि यह काला धन रखने वालों के लिए सजा है या उनके बचाव का तरीका.

नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी पार्टियों का संसद में हंगामा लगातार जारी है. इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने 28 नवंबर यानी आज देशभर में ‘जन आक्रोश दिवस’ मनाया है और राजधानी दिल्ली सहित कुछ और बड़े शहरों में विरोध प्रदर्शन किया है. हालांकि पिछले कुछ दिनों से ‘आक्रोश दिवस’ की घोषणा पर दो तरह की बातें सामने आ रही थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सार्वजनिक सभा में कांग्रेस पर हमला करते हुए था कि वे भ्रष्टाचार बंद करना चाहते हैं लेकिन विपक्ष भारत बंद की घोषणा कर रहा है. इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थक लगातार भारत बंद का विरोध करते हुए आक्रामक अभियान चलाए हुए थे. आज इन लोगों का कहना है कि नोटबंदी पर भारी जनसमर्थन के कारण भारत बंद बुरी तरह असफल रहा है. जबकि कांग्रेस ने सफाई दी है कि उन्होंने भारतबंद का आह्वान ही नहीं किया था और आज जन आक्रोश दिवस आयोजित किया गया है. सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों पर चुटकियां ली गई 

Post a comment

[blogger]

hindmata mirror

Contact form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget